शीघ्रपतन के कारण और रोकने के लिए घरेलू उपाय

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Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

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Passionate about playing with words. Sukhdeep is a Post Graduate in Finance. Besides penning down ideas, he is an expert online marketing consultant and a speaker.

जब बात बिस्तर पर अपने साथी को खुश करने की आती है, तो बहुत से ऐसे मर्द है, जो खेल शुरू होने से पहले ही पारी समाप्ति की घोषणा कर देते हैं। मेडिकल भाषा में इस समस्या को शीघ्रपतन कहा जाता है।

यह ऐसी समस्या है, जिसमें इससे प्रभावित पुरुष का अपने वीर्य के स्खलन पर कोई नियंत्रण नहीं होता। अगर आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं, तो शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि आजकल की जीवनशैली के कारण पांच में से एक मर्द इस समस्या से प्रभावित है। लेकिन, इस समस्या का निदान हैं। इस लेख में, हम पको शीघ्रपतन के कारण और रोकने के लिए घरेलू उपाय बतांएगे।

उपचारों को जानने से पहले, इस समस्या की जड़ों को पहचान लेते हैं।

अल्फेर्ड किंस्ले, वह पहले शख्स से जिन्होंने साल 1940 में इस समस्या की पुष्टि की थी कि मर्दों की जनसँख्या का एक बड़ा हिस्सा इस समस्या से पीड़ित है। उन्होंने अपने शोध के लिए 3 मिनट से पहले होने वाले वीर्य के स्खलन को आधार माना था। इसके बाद, शीघ्रपतन के विषय में कई शोध हुए और हर शोध के परिणाम अलग थे। हर शोधकर्ता द्वारा इस समस्या को अलग नाम देने की कोशिश की गई थी, लेकिन शीघ्रपतन इस समस्या का प्रचलित नाम है।

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शीघ्रपतन के प्रमुख कारण

मर्दों की यौन कल्पनाएं, जो समय से बहुत पहले जन्म लेने लगती हैं, इस समस्या का प्रमुख कारण है। एक शोध के मुताबिक, मर्द 15 साल की उम्र में यौन परिपक्व हो जाते है। लेकिन, वास्तव में 20 साल की उम्र तक पहली बार यौन सम्बन्ध बनाने का मौका मिलता है। यह विलम्ब उनको हस्तमैथुन करने पर मजबूर करता है। जब तक वास्तव में सेक्स करने का मौका नहीं मिलता, तब तक वह हस्तमैथुन से ही खुद को संतुष्ट करते हैं। यह संतुष्टि जब आदत बन जाती है, तो आगे चलकर शीघ्रपतन का कारण बन जाती है।

प्रारंभिक उत्साह

जब हमें सेक्स का मौका मिलता है, तो हम करने से पहले ही उत्साहित हो जाते हैं अर्थात मानसिक रूप से हम पहले ही अपनी कल्पना को अंजाम दे चुके होते हैं। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि हम यौन परिपक्व नहीं होते और सेक्स करने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते। आसान शब्दों में कहा जाए, तो वास्तविक सेक्स से पहले हम मानसिक संभोग कर चुके होते हैं।

‘वांछित’ चरण

इस चरण में आप अपनी सेक्स ड्राइव से अवगत हो चुके होते हैं, और आप यौन संबंध बनाने के मौके खोजने लगते हैं। चाहे आपके साथ कोई साथी हो या न हो, आप हर हाल में कपड़ो से बाहर होकर, खुद को तृप्त करना चाहते हैं, फिर चाहे इसके लिए आपको हस्तमैथुन एक सहारा ही क्यों न लेना पड़े। इस चरण में आपके वीर्य का स्खलन ही प्रमुख लक्ष्य बन जाती है। कुछ लोगों के मुताबिक इस चरण को स्खलन की कल्पना करना कहते हैं।

चेकलिस्ट चरण

इस चरण के दौरान, शरीर स्खलन के लिए तैयार हो चुका होता है। इस तैयारी के लिए हमें कई शारीरिक कदम उठाने पड़ते है, जिनके बिना वीर्य के स्खलन की अपेक्षा करना लगभग असंभव है। कहने का भाव यह है कि 20 सेकंड के भीतर स्खलन के बारे में सोचना, आपको इसके लिए प्रेरित नहीं करेगा क्योंकि इतनी कम अवधि में आपका शरीर इसके लिए तैयार हो ही नहीं सकता।

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नो-रिटर्न का (प्री) प्वाइंट

मैंने यहाँ कुछ सोचकर ही ‘प्री’ शब्द का उपयोग किया है। यह चरण नो-रिटर्न चरण इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह आखरी बिंदु से पहले का एक वास्तविक बिंदु हैं। स्खलन से पहले हमारे संभोग को प्रभावित करने का यह आखिरी मौका होता और जब हम इस पर नियंत्रण खो देते हैं, वीर्य का स्खलन हो जाता है।

शीघ्रपतन के संभावित समाधान और तकनीकें

मानसिक तनाव से छुटकारा पाएं

सेक्स से पहले तनाव मामूली बात है। ऐसा अक्सर देखा जाता है कि शीघ्रपतन के अधिकतर मामलों में, मर्द बिस्तर पर बेहतर प्रदर्शन का तनाव के साथ जाते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि अच्छे प्रदर्शन के न होने पर, वह अपने साथी के सामने मजाक बन जाएंगे। यह एक कारण है कि वह खेलने से पहले ही आउट हो जाते हैं। तब आप इस तरह के मानसिक तनाव में होते हैं, तो पतलून से पहले, आप अपने लिंग पर नियंत्रण खो बैठते हैं। अगर आप शीघ्रपतन का तनाव लेकर बैडरूम में जाएंगे, तो पूरी गारंटी है कि आप जल्द ही आउट हो जाएंगे।

अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं, तो अपने साथी से इस विषय में बात जरूर लें। अपने इस डर को निकाल दें। जब आप तनाव में नहीं रहेंगे, तो आपका प्रदर्शन अपने-आप भी बेहतर हो जाएगा।

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शारीरिक तनाव और तृप्ति स्थगित करें

मुझे आपको यह बताने की जरूरत नहीं है कि शारीरिक प्रयास और सेक्स एक ही सिक्के के दो पहलु हैं और यह साथ-साथ ही चलते हैं। आनंद और अच्छा संभोग प्राप्त करने के लिए, ऐसी बहुत सी गतिविधियां हैं, जिनके लिए आपको मांसपेशियों का अच्छा उपयोग करने की आवश्यकता होती है।

वास्तव में, मांसपेशियों में तनाव शीघ्रपतन का एक कारण है अर्थात संभोग के समय आपकी मांसपेशियों में जितना तनाव होगा, समयपूर्व स्खलन के उतने ही ज्यादा मौके पैदा हो जाएंगे। आसान शब्दों में कहा जाए, तो जितना अधिक शारीरिक तनाव होगा, उतना ही जल्द ही आपका खेल समाप्त हो जाएगा।

मालिश, ऐसी स्थिति का सबसे अच्छा समाधान है। अपने साथी से आपको मालिश के लिए कहें। यह न केवल आपके शारीरिक तनाव, बल्कि आपके मानसिक तनाव को भी कम कर देगा। वैकल्पिक रूप से, आप भी अपने साथी को मालिश कर सकते हैं। ऐसा करके, आप अपना ध्यान केंद्र बिंदु से भटका सकते हैं और तनाव को कम कर सकते हैं। अधिक आराम पाने के लिए ध्यान और योग भी एक अच्छा तरीका है।

तृप्ति को नियंत्रित करने के लिए शंकु व्यायाम

केगेल अभ्यास शीघ्रपतन की समस्या का एक अच्छा समाधान है, लेकिन इससे परिणाम पाने के लिए आपको धैर्य और समय की आवश्यकता है। श्रोणि तल की मांसपेशियों पर नियंत्रण पाना इतना आसान नहीं होता। यह वही मांसपेशी है जो आपको तब कसकर रखती है जब आप पेशाब को कुछ समय के लिए रोके रखना चाहते हैं। शीघ्रपतन के समाधान के रूप में भी, आपको इसी मांसपेशी पर नियंत्रण की जरूरत होती है। शीघ्रपतन पर नियंत्रण करने के लिए, आपको इस मांसपेशी को जरूरत के मुताबिक कुछ सेकंड के लिए कसने और फिर ढीला छोड़ने का अभ्यास करना होता है।

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स्टार्ट-स्टॉप विधि

स्टार्ट-स्टॉप विधि, नो-रिटर्न के बिंदु की बेहतर पहचान करने के लिए एक आदर्श तरीका है। आप न केवल सेक्स के दौरान, बल्कि हस्तमैथुन करते समय इस विधि का उपयोग कर सकते हैं। इस विधि की कामयाबी, इस बात पर निर्भर करती है कि आपको बाद वाले समय को रोकने का कितना अभ्यास किया है। अगर आप, वीर्य के स्खलन को एक समय तक स्थगित करना सीख लेते हैं, तो आपकी शीघ्रपतन की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है।

शायद आपने कभी नोट नहीं किया होगा कि हस्तमैथुन के दौरान आपकी सांस बहुत तेज चलती है। लेकिन, अगर आप अपनी सांस पर नियंत्रण करना सीख लेते हैं और तब तक रोके रखते हैं, जब तक आपको लगता है कि उत्तेजना खत्म होने ही वाली है, तो आप अपने वीर्य के स्खलन को कुछ हद तक स्थगित करने में कामयाब हो जाते हैं।

एक बार करने के बाद, आपको स्खलन से पहले, फिर अपनी सांस को रोक लेना है। लेकिन, इस बार आपको प्रयास करना है कि आप पहली बार से ज्यादा समय के लिए सांस रोकें। लगातार प्रयास के बाद, एक समय वह भी आएगा, जब आप शीघ्रपतन जैसे समस्या पर विजय पा लेंगे।

अंत में, एक बात को हमेशा याद रखें कि शीघ्रपतन कोई बीमारी नहीं है, इसलिए, यह गंभीर नहीं है। लेकिन, इस समस्या का समाधान जरूरी है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह आपके (यौन) संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है।

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