विटामिन बी 12 की कमी के 6 प्रभाव और उनके लक्षण

181
READ BY
6 Effects Of Vitamin B12 Deficiency And Their Symptoms
6 Effects Of Vitamin B12 Deficiency And Their Symptoms
Photo Credit: Pixabay
Read this article in English
यह लेख हिन्दी में पढ़ें।
Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

Write Something To Right Something

Passionate about playing with words. Sukhdeep is a Post Graduate in Finance. Besides penning down ideas, he is an expert online marketing consultant and a speaker.

क्या आप जानते हैं कि विटामिन बी 12 की कमी हमारे शरीर में होने वाली सबसे आम कमियों में से एक है? इस लेख में हम विटामिन बी 12 की कमी के लक्षणों और इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानेंगे।

थकावट, याददाशत कमज़ोर होना और शरीर में तेज चुभन महसूस होना विटामिन बी 12 की कमी के लक्षणों को प्रगट करता है। आपकी जानकारी के लिए बताना चाहूंगा कि विटामिन बी 12 शरीर के सामान्य कामकाज को सुचारु रूप से चलाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नीचे दिए गए लक्षणों में से, अगर आपको विटामिन बी 12 की कमी से जुड़ा कोई भी लक्षण नजर आए, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें।

शरीर में विटामिन बी 12 की भूमिका क्या है?

विटामिन बी 12 की कमी से जुड़ी शारीरिक समस्याओं को समझने से पहले, हमारे शरीर में विटामिन बी 12 की भूमिका को समझना बहुत जरूरी है।

जरूर पढ़े –  6 ऐसी गलतियाँ जिनके कारण आपका वजन कम नहीं होता

विटामिन बी 12 डीएनए के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण कार्य करता है। डीएनए प्रत्येक अंग के इष्टतम गठन और कार्य को निर्धारित करता है। इसके अलावा, विटामिन बी 12 होमोसिस्टीन के स्तर को कम करता है। होमोसिस्टीन रक्त में पाया जाने वाला एक रसायन है और अगर यह निर्धारित स्तर से ऊपर उठ जाता है, तो इससे रक्त वाहिकाओं को परेशानी होती है। यदि होमोसाइस्टिन का ठीक तरीके से चयापचय नहीं होता, तो इससे शरीर में सूजन और अन्य टॉक्सिक प्रभाव हो सकते हैं।

विटामिन बी 12 की कमी के लक्षण और प्रभाव

1एनीमिया

विटामिन बी 12 की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है। यह लाल रक्त कोशिकााओं की गतिविधि में कमी से उजागर होता है।

विटामिन बी 12 की कमी के एनीमिक प्रकार का मुख्य अभिव्यक्ति मेगाब्लोबैस्टिक एनीमिया है। थकान, क्षिप्रहृदयता (दिल की धड़कन का सामान्य से तेज होना) , और कभी-कभी चक्कर आना, इस समस्या के लक्षण है।

सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं (जो ऑक्सीजन और प्रत्येक अंग के कार्य को सुनिश्चित करती हैं) के उत्पादन में विटामिन बी 12 एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मेगाब्लोबैस्टिक एनीमिया की जाँच एक टेस्ट से जा सकती है, इसलिए अगर आपको इससे जुड़ा कोई संकेत नजर आए, तो विशेषज्ञ से परामर्श करने में संकोच न करें।

2परिधीय न्यूरोपैथी

यह एक ऐसी स्थिति है जिसका परिधीय तंत्रिका तंत्र, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बीच संबंध पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ज्यादा गंभीर मामलों में तंत्रिका कनेक्शन भी प्रभावित हो सकते हैं। विटामिन बी 12 उन कारकों में से एक है जो माइलिन गठन को प्रभावित करते हैं, और इसकी कमी शरीर के कामकाज के लिए माइलिन की आवश्यक मात्रा को भी भीषण तरीके से प्रभावित कर सकती है।

जरूर पढ़े –  गर्मियों में योनि स्वच्छता और इससे जुड़ी गलतियों के बारे में जानकारी

विटामिन बी 12 की कमी के मामले में, परिधीय तंत्रिका तंत्र आंदोलनों को बेहतर रूप से नियंत्रित नहीं करेगा। आप मांसपेशी टोन में असामान्य संवेदना या परिवर्तन की उम्मीद कर सकते हैं।

परिधीय न्यूरोपैथी के लक्षण आमतौर पर हाथों और पैर के पंजों में प्रकट होते हैं। ज्यादा गंभीर मामलों में, यह लक्ष्ण बाहों या पैरों तक भी बढ़ जाते हैं। झुनझुनी, सन्न हो जाना और कमजोरी, इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं।

3डिमेंशिया/मनोभ्रंश अर्थात याददाशत कमज़ोर होना

इस परिस्थिति में आदमी की याददाशत इतनी कमज़ोर हो जाती है कि वह अपने रोजमर्रा के काम भी ठीक से नहीं कर पाता। आपकी जानकारी के लिए बतान चाहूंगा कि विटामिन बी 12 की कमी के अलावा, डिमेंशिया के कई अन्य कारण भी हैं। परन्तु अध्ययनों से पता चला है कि विटामिन बी 12 की कमी के कारण होने वाला डिमेंशिया, उच्च स्तर के होमोसिस्टीन की वजह से होता है।

छोटी-छोटी चीजों को भूलना अर्थात याददाशत में कमजोरी, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, जटिल समस्याओं को सुलझाने में परेशानी, उदासीनता अर्थात चीजों में रूचि न रहना, न होने वाली चीजों चीजों के होने का भ्रम पैदा होना, और यहाँ तक कि अपना खुद का ख्याल भी न रख पाना, डिमेंशिया के लक्षण होते हैं।

4डिप्रेशन

विटामिन बी 12 की कमी के कारण डिप्रेशन भी एक बहुत बढ़ी समस्या है। अवसाद विटामिन बी 12 की कमी का नैदानिक अभिव्यक्ति हो सकता है। विटामिन बी 12 की वजह से होने वाला डिप्रेशन, एनीमिया या डिमेंशिया के साथ भी हो सकता है।

5स्ट्रोक

यह एक ऐसी स्थिति है जो मस्तिष्क के रक्त परिसंचरण में बाधा डालती है और जो आगे चलकर शारीरिक या मानसिक अक्षमता का कारण बनती है।

जरूर पढ़े –  मधुमेह टाइप 2 – जानिये आपको किस प्रकार का मधुमेह है

विटामिन बी 12 की कमी से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, खासकर युवा लोगों में। होमोसाइस्टीन के स्तर का निर्धारित से ज्यादा बढ़ना, विटामिन बी 12 की इस कमी को प्रदर्शित करता है।

6माइलोपैथी

विटामिन बी 12 की कमी रीढ़ की हड्डी में उपास्थि के अपघटन का कारण बनती है, जिससे माइलिन सुरक्षात्मक कोटिंग का नुकसान हो सकता है। शारीरिक गतिविधियों पर नियंत्रण खोना, संतुलन न बना पाना, और सनसनी जैसी समस्याएं, माइलोपैथी के नतीजे हैं। सामान्य कमजोरी, सनसनी, चुभने जैसे अहसास, और संतुलन बनाए रखने में समस्या, माइलोपैथी के लक्षण हैं।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

नाक का स्प्रे (नास्कोबल), इंजेक्शन, टैबलेट जैसे मेडिकल इलाजों के अलावा, शरीर में विटामिन बी 12 के स्तर को बेहतर बनाने के लिए मांस, दूध, पनीर और अंडे आदि को अपने आहार में जरूर शामिल करें। इसके अलावा, फोलिक एसिड युक्त आहार लेने की भी सलाह दी जाती है। इनमें हरी पत्तियों वाली सब्ज़ियां, नींबू के फल और साबुत अनाज से जुड़ी चीजे भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आप विटामिन बी 12 की कमी बनाने के लिए इलाज ले रहे हैं, तो आपको शराब नहीं पीनी चाहिए क्योंकि शराब का सेवन विटामिन बी 12 को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता में हस्तक्षेप करता है।

Loading...