सेक्सुअल फोबिया – सेक्स करने के डर से कैसे निपटा जाए

2010
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क्या आप जानते हैं कि सेक्सुअल फोबिया आपके वैवाहिक जीवन का सत्यानास कर सकता है? सेक्सुअल फोबिया अर्थात सेक्स करने के डर से निपटने के विभिन्न तरीकों को समझने से पहले, हमें इस फोबिया के आधार को समझने की जरूरत है।

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सेक्सुअल फोबिया अर्थात सेक्स करने से डरना एक मानसिक विकार के रूप में देखा जाता है। इस विकार से ग्रस्त प्राणी यौन गतिविधियों को नापसंद करता है। इस विकार से ग्रस्त प्राणी सिर्फ यौन संबंध रखने से ही नहीं, बल्कि कामुकता से जुड़े किसी भी पक्ष से भी दूर भागता है। अन्य चीजों के फोबिया की तरह, सेक्सुअल फोबिया भी कुछ विशिष्ट पहलुओं द्वारा वर्णित किया गया है जैसे कि:

  1. फोबिया के स्रोत्र के प्रति अत्यधिक और अनियंत्रित नकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाना।
  2. फोबिया के बारे में डर को बढ़ावा देने वाले विचारों पर नियंत्रण न होना।
  3. फोबिया के स्रोत्र से जुड़े सभी स्थानों या लोगों के प्रति अस्वीकृति की भावना होना।

इस विकार से ज्यादातर महिलाएं पीड़ित होती हैं। जो लोग इस विकार से पीड़ित हैं, उनके लिए सेक्स विषय पर चर्चा करना भी विकृत हैं अर्थात वह इस विषय पर बात करने से भी चिढ़ते हैं। यहां तक कि विवाहित जोड़ों के मामले में, कई महिलाएं हमेशा सेक्सुअल फोबिया के भय में रहती हैं। उनके हिसाब से अपने साथी के साथ यौन संबंध बनाना भी किसी अपराध से कम नहीं है।

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अगर आप इंटरनेट पर खोजेंगे, तो इस विषय में आपको पत्नियों द्वारा किए गए कंफेशंस बहुतायत में मिल जाएंगे। कई कंफेशंस में महिलाओं ने यहाँ तक भी कहा है कि शादी के बाद जब उन्होंने अपने पति के साथ यौन संबंध बनाने पर भी उनको ऐसे लगा जैसे उन्होंने कोई गलती की हो। सेक्स के विषय में इस तरह की नकारातमक मानसिकता का कारण सेक्स के बारे में गलत स्रोतों से मिली गलत जानकारी है।

सेक्सुअल फोबिया से कैसे निपटा जाता है

इस विकार से निपटने के लिए अन्य विकारों की तरह, आपको इस फोबिया के स्रोत के बारे में अपनी जानकारी को बढ़ाना होगा।

ऐसा करने के लिए, आपके लिए बेहतर रहेगा कि आप किसी मनोचिकित्सक सहारा लें क्योंकि वह परीक्षण के बाद आपको सुझाव दे सकता है कि आप कैसे अपनी प्रतिक्रियाओं और नकारात्मक आत्म-विचारों पर नियंत्रण पा सकते हैं। इसके अलावा, अगर हम वास्तव में सेक्सुअल फोबिया से उबरना चाहते हैं, तो हमें सेक्स से जुड़े कुछ पहलुओं पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।

  1. हमें यह समझने की जरूरत है कि सेक्स जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है और जब तक हम जिन्दा रहते हैं, यह हमारे जीवन के सभी चरणों में हमारे साथ रहता है।
  2. यदि आपको लगता है, सेक्स केवल शरीर के बारे में है, तो आप गलत सोचते हैं। यौन संबंध सिर्फ जननांगों का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर से जुड़ा हुआ है।
  3. अगर आप किसी तरह की दवाएं ले रहे हैं, तो आपको यह जांचने की जरूरत है कि कहीं वह दवाएं आपकी सेक्स के लिए इच्छा को नकारात्मक तरीके से प्रभावित तो नहीं कर रही हैं? ऐसा कहने से मेरा मतलब यह नहीं है कि आपको वह दवा लेने बंद कर देना चाहिए, बल्कि आपको अपने रिश्ते को और अधिक समय देना है।
  4. सेक्सुअल फोबिया से निपटते समय आपको शुरुआत में ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इस फोबिया से निपटने की शुरुआत आपको मानसिक विश्राम की स्थिति से करनी चाहिए।
  5. यदि आपका जीवन-साथी सेक्सुअल फोबिया से गुजर रहा है, तो आपको अपने साथी से भी ज्यादा सयंम की जरूरत है। ध्यान रखें, इस फोबिया से निकलने में समय लगता है। ऐसे में अपने साथी को कुछ भी ऐसा करने के लिए मजबूर न करें, जिससे उसका डर और बढ़ जाए। आपको सेक्स संबंधी उसके विचारों, इच्छाओं और संवादों को समझना चाहिए।

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सेक्स संबंधी कुछ ऐसी नई तकनीकों को सीखने का प्रयास करें, जिससे आप अपने साथी को सेक्स के दौरान अधिक आरामदायक महसूस करवा सकें। एक बार जब इस मुद्दे पर आप अपने साथी का भरोसा जीत लेते हैं, तो उसके लिए इस भय से निपटना बहुत आसान हो जाता है।

अंत में, मैं यह कहना चाहता हूं कि हम एकमात्र व्यक्ति हैं जो हमारी सीमाओं, निर्णयों, स्वीकृति और अस्वीकृति के लिए ज़िम्मेदार हैं। इसलिए शुरुआत भी हमें ही करनी पड़ती है।

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