क्या होता है जब आप अपनी सामाजिक हैसियत से कम वाले से शादी करते है

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Unhappy-Marriage---Marrying-Someone-Beneath-You
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Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

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क्या आप शादी के संदर्भ में सामाजिक विज्ञान में उपयोग की जाने वाली दो शर्तों ‘हाइपरगामी और हाइपोगैमी’ के बारे में कुछ जानते हैं?

अगर नहीं जानते, तो कोई बात नहीं। मैं आपको आसान तरीके से समझाने का प्रयास करता हूँ।

हाइपरगामी

अगर एक आदमी किसी ऐसी औरत से शादी करता हैं, जो सामाजिक और आर्थिक हैसियत में उससे कम हो या फिर एक औरत ऐसे व्यक्ति से शादी कर लेती है जो सामाजिक और आर्थिक हैसियत में उससे ज्यादा हो, तो इसे हाइपरगामी कहा जाता है।

हाइपोगैमी

यह हाइपरगामी से उल्ट है। इसमें अगर आदमी किसी ऐसी औरत से शादी करता है, जो सामाजिक और आर्थिक हैसियत में उससे ज्यादा हो या फिर एक औरत ऐसे व्यक्ति से शादी कर लेती है जो सामाजिक और आर्थिक हैसियत में उससे कम हो, तो इसे हाइपोगैमी कहा जाता है।

चाहे भारत हो या कोई पश्चिमी देश, दूल्हा हो या दुल्हन, हर कोई समृद्ध परिवार से ही रिश्ता जोड़ना चाहता है अर्थात अपने से बढ़े घर में ही शादी करना चाहता है। अपने से कम आर्थिक और सामाजिक स्थिति वाले से शादी करने के किस्से बहुत कम देखने को मिलते हैं।

मेरा प्रश्न सिर्फ इतना है कि क्यों शादी के लिए आर्थिक और सामाजिक स्थिति को इतना महत्व दिया जाता है। क्यों दूल्हा और दुल्हन के परिवार इस बात को इतनी गंभीरता से लेते हैं? क्या आप इस बात से इंकार कर सकते हैं कि हमारे समाज में ज्यादातर शादियां आर्थिक और सामाजिक स्थिति में असमानता की वजह से टूटती हैं?

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अपने से कम आर्थिक और सामाजिक स्थिति वाले से की गई शादी के टिकने की संभावनाएं बहुत कम होती है। आर्थिक और सामाजिक स्थिति में कम से शादी करने पर, किसी बहस के दौरान असमानता के बारे में दिया गया एक तर्क संबंध को समाप्त कर सकता है।

जब बात शादी जैसे रिश्ते की हो, तो व्यक्तित्व और सामाजिक मनोविज्ञान बहुत बढ़ी भूमिका निभाता है। कोई महंगा आभूषण उपहार के रूप में देना, किसी संभ्रांत वर्ग के व्यक्ति के लिए बड़ी बात नहीं है, लेकिन सामाजिक और आर्थिक स्थिति से कमजोर व्यक्ति के लिए यह एक फालतू खर्च से ज्यादा कुछ नहीं होता। निम्न सामाजिक वर्ग के व्यक्ति से शादी करने का मतलब किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करना जिसका मनोविज्ञान और विचारधारा पूरी तरह से अलग हो।

इस तरह की स्थिति में, केवल दो संभावित प्रतिक्रियाएं होती हैं – एक तो हालातों का नियंत्रण से बाहर जाना और दूसरा, दो अलग-अलग मनोविज्ञानों के बीच लगातार संघर्ष चलते रहना।

ऐसी अधिकांश शादियों में, मैंने पति-पत्नी को इन चीजों के बारे में बेचैन होते और लड़ते ही देखा है। बहुत कम ऐसे रिश्ते हैं, जहाँ दोनों में एक साथी, खुद को दूसरे साथी के हिसाब से ढाल लेता हो।

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ऐसी स्थिति में केवल पति-पत्नी को ही सामाजिक और आर्थिक स्थिति के बेमेल होने से जुड़े दुष्प्रभावों का सामना नहीं करना पड़ता है, बल्कि इसमें शामिल परिवारों को भी नुकसान होता है। इस तरह के संबंधों का अस्तित्व बदलावों पर निर्भर करता है। जब तक पति-पत्नी खुद को बदलते रहते हैं, तब तक रिश्ता चलता रहता है।

व्यावहारिक रूप से, हम में से कुछ लोगों के लिए समाज ही सब कुछ है। कुछ समय के लिए हम संबंधों को बनाए रखने की कोशिश में समाज की परवाह छोड़ भी सकते हैं, लेकिन, एक समय के बाद आपको समाज का हिस्सा बनना ही पड़ता है। इंसान जिस मानसिकता के साथ पला-बढ़ा हो, उसे बदलना कोई आसान काम नहीं होता।

मैंने कई प्रेमी-जोड़ों को देखा है, जो पहले तो बेघर से भी शादी कर लेते हैं और कुछ समय बाद, हर सूर्योदय के साथ वे अपनी भूल पर रोते हैं।

मेरा विश्वास करो, अपने से कम आर्थिक एवं सामाजिक वर्ग के व्यक्ति से शादी करना अनगिनत तनावों को एक खुला निमंत्रण देने जैसा है, जिससे आपको रोज निपटना होगा। सबसे बुरी बात यह है आप यह भी नहीं जान पाते कि आपका साथी किसी विशेष स्थिति पर कैसे प्रतिक्रिया देगा। उदाहरण के लिए – लोग, जो परिवर्तनीय आय और अनिश्चित भविष्य जैसी स्थितियों के साथ बड़े हुए हैं, उनका चीजों को देखने का दृष्टिकोण मुंह में सोने के चम्मच के साथ पैदा होने वाले इंसान से बिलकुल अलग होता है।

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मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी समान सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति वाले इंसान से शादी करना खुशहाल विवाह का आश्वासन है। ऐसे कई मामले हैं जहां लोग अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बावजूद एक-दूसरे से शादी करते हैं और वे खुश हैं। ऐसे विवाहों की सफलता के पीछे प्रमुख रूप से तीन तत्व होते हैं – धैर्य, समझौता करने की क्षमता, एवं किसी तरह का अहंकार न होना। इस तरह के रिश्तों में, दंपति और उनके परिवार के सभी सदस्य इस ‘अहंकार’ की भावना से दूर होते हैं। उनके लिए परिवार पहले आता है, फिर समाज आता है। ऐसे जोड़ों में, समझौता दोनों तरफ से होता है और वे कभी भी धैर्य नहीं छोड़ते हैं।

अगर आपके पास ये तीन प्रमुख तत्व हैं, तभी आपको अपने से कम आर्थिक और सामाजिक स्थिति वाले व्यक्ति से शादी करने के बारे में सोचना चाहिए।

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