झगड़े के बाद रिश्ते को फिर से पहले जैसा बनाने के लिए क्या करें

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Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

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Passionate about playing with words. Sukhdeep is a Post Graduate in Finance. Besides penning down ideas, he is an expert online marketing consultant and a speaker.

रिश्ते चाहे कितने भी मजबूत क्यों न हों, वाद-विवाद या झगड़ों से रहित नहीं होता। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक निर्धारित सीमा तक होने वाले यह झगड़े, रिश्ते की बेहतरी के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। लेकिन, यहाँ सवाल यह उठता है कि झगड़े के बाद क्या होता है। झगड़ा होने से रिश्ते में दरार आना स्वाभाविक है। ऐसे में, अगर रिश्ता पति-पत्नी का हो, तो यही दरार तलाक का कारण भी बन सकती है। ऐसी स्थिति में, आप ऐसा क्या करेंगे, जिससे आपकी रिश्ते की मधुरता पहले जैसे बनी रहे? इस लेख के माध्यम से , मैं आपको बताऊंगा कि अपने साथी के साथ झगड़े के बाद रिश्ते को फिर से पहले जैसा बनाने के लिए क्या करें।

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1एक कदम पीछे हट जाएं

जब हम किसी से झगड़ा करते हैं, तो हम हर बात को अपने आत्मसमान पर ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में, हम जवाब या तर्क देने को अपना गौरव मानते हैं और अपना बचाव करते हुए, दूसरे को पूरी तरह से दोषी ठहराने का हर संभव प्रयास करते हैं।

यहीं पर हम गलती करते हैं। ऐसी स्थिति में , जहाँ हमारा साथी सब्र खो चूका है, हमें अपने सब्र को बनाए रख कर, उस विवाद के कारण को जानने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा तभी हो सकता है, जब हम एक कदम पीछे हटेंगे और हालात को ठन्डे दिमाग से सोचेंगे।

जिस समय झगड़ा हो रहा हो, उस समय चुप रह कर, दूसरे साथी को बोलने दें और उसकी हर बात को सुनें। उसके शांत होने पर, झगड़े के कारणों की जाँच करें और उसे समझाते हुए अपना पक्ष रखें। ऐसा करने से न केवल मन का मैल दूर होता है, बल्कि सामने वाले को अपनी गलती का एहसास भी हो जाता है और रिश्ता पहले जितना मधुर हो जाता है।

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2ईमानदारी से माफी मांगे

झगड़ा होने के बाद माफी मांगनें को हम में से लोग अपनी हार मानते हैं। लेकिन यह गलत है। मेरे हिसाब से, अगर आप रिश्ते की मधुरता को बनाए रखना चाहते हैं, तो माफी मांगने में देरी न करें। जब आपको यह अहसास हो जाता है कि आप दोषी हैं, तो अपनी गलती स्वीकार करें और ईमानदारी से माफी मांगें। माफी न मांगना आपको कुछ समय के लिए जीत लग सकती है, लेकिन आगे चलकर, आपको रिश्ते में दरार एवं अपनों से शत्रुता के रूप में इस गलती की भारी कीमत देनी पड़ती है।

3माफी मांगने वाले को माफ करना

इसमें कोई शक नहीं है कि माफी मांगना जितना कठिन होता है, सब कुछ भुला कर माफ करना उससे भी ज़्यादा कठिन होता है। लेकिन, अगर आप रिश्ता बनाए रखना चाहते हैं, और चाहते हैं कि रिश्ते में झगड़े से पहले वाली मधुरता बनी रहे, तो माफी मांगने वाले को माफ करना सीखें। यदि माफ करना आपको मुश्किल लगता है, तो ज़रा सोचें कि आपने भी तो कुछ-न-कुछ ऐसा अवश्य बोला होगा, जिससे आपके साथी को चोट पहुंची होगी। ऐसे में, अगर आप माफ नहीं करते, तो जब आपको अपनी गलती का पछतावा होगा, तब आप भी माफी की उम्मीद नहीं कर पाएंगे।

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4खुद के दुश्मन न बनें

अपनी सहनशीलता को बढ़ाएं और कठोर न बनें। खुद के दुश्मन न बनें। कुछ गलतियां स्वाभाविक होती हैं, जो अनजाने में हो जाती हैं। ऐसे में, रिश्ते की मधुरता को बनाए रखने के लिए माफी और सहिष्णुता का अभ्यास करते रहें। ऐसा करने से आपके लिए दूसरों को क्षमा कर पाना बहुत आसान हो जाएगा।

5थोड़ा समय बीत जाने दें

हालांकि यह आमतौर पर कहा जाता है कि झगड़े को जल्दी सुलझा लिया जाना चाहिए। लेकिन, याद रखें कि गंभीर मामलों में (झगड़े के बाद) आपको थोड़ा अंतराल डाल देना चाहिए। वास्तव में, ऐसा गुस्से को शांत करने के लिए किया जाता है क्योंकि गंभीर झगड़ों के दौरान हम अक्सर मानसिक संतुलन खो बैठते हैं और ऐसी बातें कह जाते हैं, जिनका असर देर तक रहता है। ऐसे में , अगर आप रिश्ते की मधुरता को बनाए रखना चाहते हैं, तो पुनः कोशिश करने से पहले थोड़ा अंतराल डाल दें।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

इन छोटी-छोटी चीज़ों का ध्यान रख कर आप न केवल रिश्ते की मधुरता को बनाए रख पाएंगे, बल्कि झगड़े के बाद रिश्ते को फिर से पहले जैसा बना लेंगे। रिश्तों में झगड़ा होना जितना ज़रूरी होता है, उससे कहीं ज़रूरी होता है , झगड़े के कारण को समझना और दूर करना। लेकिन, ऐसा करने के लिए आपको सयंम और समझ की ज़रूरत होती है।

हमेशा याद रखें कि जुबान से निकले शब्द कभी वापिस नहीं आते और उम्र भर अपना असर रखते हैं। इसलिए, रिश्तों को बनाए रखने के लिए, जितना हो सके, वाणी पर नियंत्रण रखें और माफी मांगने या माफ करने में संकोच न करें।

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