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पारिवारिक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए 5 सुझाव

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5 Tips To Have Financial Stability In The Family
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Kumar Sunil

Dreamer & Enthusiast

Creative. One word says it all for Sunil. A engineer, an enthusiastic and conscientious Information Technology consultant by profession, Sunil shares a special interest with entrepreneurship and lifestyle.

यदि आप वास्तव में अपने परिवार में खुशनुमा माहौल चाहते हैं, तो आपको परिवार के वित्त प्रबंधन की मूल बातों को समझना बहुत ज़रूरी है।

परिवार में वित्तीय स्थिरता, न केवल जीवन को अच्छे से चलाने के लिए ज़रूरी है, बल्कि एक शांतिपूर्ण और संतुलित जीवन के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर आपके पास अच्छा बैंक बैलेंस है, तो आप कई समस्याओं को कुछ हद तक खुद से दूर रख सकते हैं। जहाँ तक पारिवारिक वित्त की मूल बातें समझने की बात है, मेरे हिसाब से इसके लिए आपको फाइनेंस की डिग्री करने की ज़रूरत नहीं है। इस लेख में, मैं पारिवारिक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए 5 सुझाव सांझे करूँगा। यह सुझाव हर किसी के लिए मददगार हैं, फिर वह चाहे किसी भी वेतन ग्रुप में हो।

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1अपनी आय और व्यय को देखें

अपनी आय और व्यय का हिसाब रखना बहुत ही सरल होता है क्योंकि हमारी आय और व्यव के बारे में हमसे बेहतर कोई नहीं जानता। आय सरल शब्दों में उस आमदनी को कहते हैं, जो हम कमाते हैं। इसके विपरीत, हम जो भी खर्च करते है, उसे व्यय कहा जाता है। स्थिर (जो बदलते नहीं) और अस्थिर (जो बदलते रहते हैं), इन दोनों का एक और वर्गीकरण है।

जैसे कि नाम से साफ है, स्थिर आय और व्यय वह हैं, जिन्हें आप बदल नहीं सकते हैं और अस्थिर आय और व्यय वह हैं, जिनकों आप थोड़ा प्रयास करके बदल सकते हैं।

उदाहरण के लिए अगर हम आय की बात करते हैं, तो हमारे पास कुछ ऐसे आय के स्रोत होते हैं जैसे कि वेतन, जिनको हम एक निर्धारित अवधि तक बदल नहीं सकते और कुछ ऐसे होते हैं जैसे कि निवेश या संपत्ति से अर्जित ब्याज, जिनको हम बदल सकते हैं। इसी प्रकार, कुछ स्थिर व्यय होते हैं जैसे कि बिजली, पानी या गैस के बिल, और कुछ अस्थिर व्यय होते हैं, जैसे कि किराने का बिल, शॉपिंग बिल, क्रेडिट कार्ड बिल, मनोरंजन पर होने वाला खर्च इत्यादि जिनको हम थोड़ा प्रयास करके बदल सकते हैं।

पारिवारिक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आपको आय, व्यय और इनके उप-भागों को गंभीरता से समझना होगा। इससे आपको परिवार की वित्तीय स्थिति की स्पष्ट तस्वीर मिलती है।

2खर्च को नियंत्रित करें

आय, व्यय और इनके उप-भागों को समझने के बाद आपके लिए यह समझना आसान हो जाता है कि आप वास्तव में क्या खर्च कर रहे हैं और कैसे।

मुझे यकीन है कि नज़दीकी अवलोकन के बाद आपको कम से कम दो या तीन ऐसे खर्च मिल ही जाएंगे, जिन पर आपके लिए कटौती करना बहुत आसान होगा और वह भी जीवन अपने मौजूदा जीवन स्तर को प्रभावित किए बिना।

आपको इन एक या दो खर्च के स्रोतों को समायोजित करना है। ऐसा करने पर आप देखेंगे कि आपने व्यय को कम, करके पहले से कुछ ज्यादा बचा लिया है।

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उदाहरण के लिए, ऑफिस की कैंटीन से दोपहर का भोजन खरीदने के बजाय, आप अगर घर से इसे बनाकर ले जाएं या फोन बिल के रूप में बड़ी रकम का भुगतान करने के बजाय कोई ऐसा प्लान लें, जो आपकी ज़रूरतों के मुताबिक हो, तो आप काफी हद तक खर्च को रोक पाएंगे।

3मासिक आधार पर बचत करने के लिए एक राशि निर्धारित करें

आप कितना भी कमाते या खर्च करते हों, बुरे समय के लिए कुछ बचा कर रखना बेहद ज़रूरी है। अधिकांश लोग मुझसे पूछते हैं कि उन्हें बुरे वक़्त के लिए कितनी राशि बचा कर रखनी चाहिए? इसका सबसे सरल उत्तर है – कम से कम आपके छह वेतन अर्थात् छह महीने का बैकअप।

मुझे पता है, जब आप सिर्फ इतना कमा रहें हों कि आपका गुज़ारा ही होता है, तो बड़ी मात्रा में बचत असंभव है। लेकिन, ऐसे में हम हमेशा एक छोटी सी राशि से शुरू कर सकते हैं। मेरे ख्याल से यह बहुत मुश्किल नहीं होगा।

एक निर्धारित राशि को थोड़ा-थोड़ा करके बचाते रहें और अपने बचत खाते में जमा करते रहें। इससे आपको मन की शांति मिलेगी और दुर्भाग्यवश अगर आप काम से बाहर हो जाते हैं , तो यही पैसा आपके काम आ जाता है।

4क्रेडिट कार्ड

मेरे लिए, क्रेडिट कार्ड एक खाई से ज़्यादा कुछ नहीं है, खासतौर पर तब, जब आप इसे समझदारी से उपयोग नहीं करते। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि क्रेडिट कार्ड होना ही नहीं चाहिए।

लेकिन इसकी वित्तीय संरचना की सही समझ होना बेहद ज़रूरी है। आपको यह समझना चाहिए कि आपकी क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको कब, कितना और कैसे चार्ज करती है और क्या आपके बिल के मुकाबले आपको फायदा देती है या नहीं?

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मैंने क्रेडिट कार्ड के कारण लोगों को निराशा से पीड़ित देखा है। अधिकांश लोगों को लगता है कि वे न्यूनतम रकम का भुगतान करके, क्रेडिट कार्ड से होने वाली आर्थिक तंगी से बच जाते हैं। लेकिन, यह सिर्फ एक गलत धारणा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आप पूरी तरह से अपने कर्ज का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं, तो आपको अपने न्यूनतम भुगतान से अधिक ही देना चाहिए।

आपको पता होना चाहिए कि यदि आप केवल न्यूनतम रकम का ही भुगतान कर रहे हैं, तो आप वास्तव में क्रेडिट कार्ड कंपनी और अधिक ब्याज कमाने का मौका दे रहें हैं। आपको केवल यह समझना होगा कि क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ आपकी मदद नहीं करती हैं, बल्कि आपकी वित्तीय अज्ञानता और खराब खर्च करने की आदतों का लाभ उठाती हैं।

5साप्ताहिक मूल्यांकन

सबसे ज़रूरी होता है, अपनी वित्तीय स्थिति का साप्ताहिक मूल्यांकन करना। जैसे ही आप यह समझ जाते हैं कि आप किन-किन जगहों पर व्यर्थ में खर्च कर रहें हैं, उन्हें उसी समय रोकना ज़रूरी होता है। पूरा महीना गुज़रने के बाद, आप हो चुके नुकसान के बारे में कुछ नहीं कर पाएंगे। इसलिए, सही समय पर उठाया गया एक सही कदम, बाद में कई मुश्किलों से बचा देता है। इसके अलावा, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको अपनी छुट्टियों या ख़ुशी के पलों पर खर्च करना छोड़ देना चाहिए। लेकिन थोड़ी समझदारी से खर्च करने पर आपको बहुत लाभ मिल सकता है।

अगर आपका भी कोई प्रश्न हो, तो हमारे विशेषज्ञ से पूछें।

अंत में, मैं यही कहूंगा कि परिवार कितना भी बड़ा हो या उनमें आय के साधन कितने भी हों, वित्तीय स्थिरता इस बात पर निर्भर करती है कि पैसे का प्रबंधन कैसे किया जाता है। सबसे अहम और बुनियादी नियम यही है कि आपको आय से कम खर्च करना है।

इस विषय में अगर आपके पास कोई सुझाव है, तो हमारे पाठकों से ज़रूर बांटें। आपकी छोटी सी सलाह भी किसी ऐसे व्यक्ति को बहुत मदद कर सकती है, जो पारिवारिक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहा है।

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