क्या मुझे किसी बदसूरत इंसान से शादी करनी चाहिए

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Marrying Someone Physically Unattractive
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Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

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Passionate about playing with words. Sukhdeep is a Post Graduate in Finance. Besides penning down ideas, he is an expert online marketing consultant and a speaker.

भारतीय सभ्यता में, किसी व्यक्ति का अपना चेहरा कैसा भी हो, उसे जीवनसाथी खूबसूरत ही चाहिए।

कुछ रोज पहले मुझे मेरे एक पुराने मित्र का फोन आया और सच कहूं तो न चाहते हुए भी मुझे उसकी बात सुननी पड़ी।जब इतने दिनों बाद उसका फोन आया, तो पहले मुझे लगा कि वह मुझसे पैसे ही माँगेगा। लेकिन उसकी समस्या कुछ और ही थी। उसने बोलना शुरू किया। यार, “पिछले महीने, मैं अपने माता-पिता के साथ शादी के लिए एक लड़की देखना गया था। पहली मुलाकात में, मुझे वह पसंद भी आ गई और दोनों परिवार इस रिश्ते से खुश भी थे। लेकिन, पिछले हफ्ते, वह फिर मुझसे मिलने आई। इस बार मेरी दादी ने देखा कि उसे फुलवेहरी है अर्थात उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर सफेद धब्बे दिखाई देते हैं। मेरी दादी के पूछने पर, उसने कहा, “यह इलाज योग्य है और वह इलाज करवा भी रही है।” लेकिन, एक पारिवारिक मित्र, जो एक त्वचा विशेषज्ञ भी हैं, की सलाह लेने के बाद, मेरे माता-पिता चाहते हैं कि मैं इस रिश्ते से इंकार कर दूँ। अब मैं उलझन में हूँ। क्या मुझे किसी बदसूरत इंसान से शादी करनी चाहिए?

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उसकी बात ने मुझे पूरी तरह से चौंका दिया था। एक व्यक्ति जिसे मैंने हमेशा एक बुद्धिमान, बौद्धिक और दयालु व्यक्ति समझा था, वह इस तरह की बात कर रहा है। इस बात के पीछे की सच्चाई को नकारना भी कोई हल नहीं था। भले ही यह कहना आसान है कि, “सुंदरता देखने वाले की आंखों में होती है, पर फिर भी किसी बदसूरत इंसान से शादी करने का निर्णय लेना आसान नहीं होता। अब क्योंकि वह मेरा दोस्त था, तो मुझे उसे कुछ ऐसा जवाब देना था, जो ठीक भी हो और उसे सुनने में अच्छा भी लगे।

अंत में, मैंने उसे जवाब दिया।

दोस्त, सबसे अच्छी बात जो मैंने सीखी है, वह यह है कि हालात जो भी हो, इंसान को अपने वास्तविक चरित्र को नहीं छोड़ना चाहिए। किसी को खुश करने के लिए अपने विचार बदलने की जरूरत नहीं है। कुछ समय के लिए मुखौटा पहनने से क्या होगा? वैसे भी, यह तुम्हारे जीवन का सवाल है और इससे किसी को फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसे में अगर तुमने अपने सपनों की बलि दे भी दी, तो भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

सुंदरता देखने वाले की आंखों में होती है, यह कहावत किताबों में ही अच्छी लगती है, लेकिन इसे हर कोई अपने जीवन में लागू नहीं कर सकता है। ऐसा कुछ करने का क्या फायदा जिस वजह से तुम बाद में खुद को जीवन भर कोसते रहो? खुद से पूछो, क्या तुम वास्तव में अपने विचारों में एक बड़ा बदलाव लाना चाहते हो या महान होने का दिखावा करना चाहते हो। मान लो, आज तुम किसी दबाव के चलते उस बदसूरत इंसान से शादी कर भी लो, लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद किसी सुन्दर लड़की के संपर्क में आ जाओ, तो तब क्या करोगे?

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बात अपने भीतर उत्तर खोजने की है। दूसरे क्या चाहते हैं यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना जरूरी यह है कि तुम खुद क्या चाहते हो। चेहरे की सुंदरता कुछ समय के बाद ख़त्म हो जाती है और जो प्यार चेहरे की सुंदरता पर टिका होता है, वह चेहरा ढलते ही डूब भी जाता है। इंसान को ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए, जिसके लिए वह मानसिक रूप से तैयार न हो।

मेरे व्यक्तिगत अनुभव में, चेहरे का आकर्षण कुछ महीनों या वर्षों तक ही रहता है। यह आपकी शर्ट, कार, या घर जैसे ही है। कुछ रोज उस चीज के साथ समय बिताने के बाद आप उस चीज में रुचि खोने लगते हैं। तुम्हें याद ही होगा, किस तरह शुरू-शुरू में तुम अपनी मोटरसाइकिल चमकाया करते थे और अब तुम बाइक भूल कर अपने गाड़ी को चमकाने में व्यस्त हो। खुद से पूछो, बाइक के लिए दीवानगी ख़त्म हो गई न?

यह एक व्यावहारिक स्थिति है, मेरे दोस्त। तुम खुद की समस्याओं के साथ मानसिकता के मुद्दों को भ्रमित कर रहे हैं। तुम्हें अपने विचारों और कार्यों को नियंत्रित करने की तकनीक सीखने की आवश्यकता है। यह केवल तभी संभव है जब तुम अपनी समस्याओं और मानसिकता के मापदंडों में अंतर करना सीखोगे। बदसूरत इंसान से शादी करने या न करने की समस्या तुम्हारी समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन उसके लिए तुम्हें अपनी मानसिकता के मापदंडों में संशोधन करना पड़ेगा।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

इसलिए, दोस्त होने के नाते, मैं तुम्हें संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी का सुझाव देना चाहूँगा। दरअसल, इस थेरेपी के तहत आप अपनी समस्याओं को एक अलग, लेकिन सही तरीके से निपटना सीखते हैं। यह मुद्दों के सकारात्मक पक्ष को देखने जैसा है। आपको अपने विचारों और कार्यों को नियंत्रित करने के लिए इसे सीखने की जरूरत है।

मुझे लगता है कि जब एक इंसान खुद के विचारों, कार्यों, मानसिकता मापदंडों और समस्याओं पर नियंत्रण करना सीख जाता है, तब ही उसे शादी के लिए कदम आगे बढ़ाना चाहिए। किसी को सिर्फ इसलिए शादी नहीं करनी चाहिए कि उसकी उम्र निकल रही है।

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