7 चीजें जो आप बार-बार माफी मांगने से खो देते हैं

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Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

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Passionate about playing with words. Sukhdeep is a Post Graduate in Finance. Besides penning down ideas, he is an expert online marketing consultant and a speaker.

मुख्य आकर्षण

  1. सीधे आपकी प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है।
  2. यह आपको एक हारे हुए इंसान की तरह प्रस्तुत करता है।
  3. लोग आपको गंभीरता से लेना ही बंद कर देते हैं।

क्या ‘माफी मांगने में कुछ बुराई है? खैर, हम में से ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि इस शब्द का उपयोग करके आप एक विनम्र व्यक्ति बन जाते हैं। लेकिन, वास्तविकता कुछ अलग है।

जब मैं माफी मांगता हूँ, तो वास्तव में मैं उस गलती को स्वीकार कर रहा हूं, जो मैंने शायद की ही नहीं होती। हम में से बहुतों को पता नहीं है कि जब आप इस शब्द को अपनी आदत बना लेते हैं, तो आप बहुत सी चीजें खो देते हैं। ऐसा करके आप अपनी गलत छवि छोड़ रहे होते हैं। इस लेख में मैं आपको उन 7 चीजें के बारे में बताऊंगा, जो आप बार-बार माफी मांगने से खो देते हैं।

1आत्मविश्वास

बार-बार माफ़ी मांग कर जो चीजें आप खो देते हैं, उनमें से पहली चीज़ है आपका आत्मविश्वास। मान लीजिए कि आपको ऑफिस में एक स्पीच देनी है या प्रेजेंटेशन देनी है, जिसके लिए आपने जी-तोड़ मेहनत की है। लेकिन आप अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ही माफ़ी मांगने से करते है, तो आप नहीं जानते, लेकिन आपने शुरू में ही अपना आत्मविश्वास खो दिया होता है।

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यह खुद किए काम पर संदेह करने जैसा होता है। इस बात में कोई शक नहीं कि आपकी प्रेजेंटेशन वैसे न जाए, जैसे आपने कल्पना की थी और ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लेकिन, पहले ही माफ़ी मांग लेना, आपकी प्रस्तुति को पहले ही ख़राब कर देते हैं।

2आत्म रक्षा करने का मौका

बार-बार माफ़ी मांगना आपको परेशानी में डाल सकता है क्योंकि ऐसा करने से लोग आपको स्थाई तौर पर दोषी मानने लगेंगे। एक उदाहरण लें कि आप किसी एक दुर्घटना की जगह पर हैं और जैसे ही वहां जांच अधिकारी आते हैं, तो आदत से मजबूर आप माफी मांगना शुरू कर देते हैं। ऐसा करके आप अपने बचाव का रास्ता खुद ही बंद कर देते हैं।

चाहे आप दोषी हैं या नहीं, लेकिन आपको अपने बचाव के किसी भी मौके को नहीं छोड़ना चाहिए। आपको संबंधित अधिकारियों के नोटिस में उस हर चीज को लाना चाहिए, जो आपको उस दुर्घटना के बारे में पता हो।

आपको पूरी जानकारी प्रदान करनी चाहिए ताकि विशेषज्ञ निष्कर्ष तक पहुंच सकें। और यदि आप जानते हैं कि आप दोषी नहीं हैं और फिर भी, आप क्षमा मांगने लगते हैं, तो आप अधिकारियों को जांच के शुरू से ही अपराधी के रूप में देखने का हर संभव कारण देते हैं।

3विश्वसनीयता

कभी-कभी, अक्सर माफी मांगना आपकी विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर सकता है। यहां तक कि यदि यह आपकी गलती नहीं भी है, तो भी लोग आपको दोषी के रूप में देखना शुरू कर देते हैं। लोग आप पर बिना वजह ही शक करेंगे और आपके मामले को सुने बिना वे मान लेंगे कि गलती आपकी ही है।

4आदर

खराब विश्वसनीयता खराब प्रतिष्ठा की ओर ले जाती है और लोग खराब प्रतिष्ठा वाले इंसान का सम्मान नहीं करते। आपके बारे में बार-बार खराब विचार निश्चित रूप से लोगों को आपके बारे में गलत सोचने पर मजबूर कर देंगे।

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उदाहरण के लिए – मान लीजिए कि आप किसी कतार में खड़े हैं और अचानक कोई कतार को तोड़कर आपसे आगे चला जाता है।

ऐसे में, अन्य लोग आपसे उम्मीद करेंगे कि आप उसे लाइन में खड़े होने के लिए कहें क्योंकि वह आपकी लाइन तोड़कर आपके आगे आकर खड़ा हुआ है।

अब ऐसे में, अगर आप अपनी बात ही माफी से शुरू करते हैं, तो बड़ी संभावनाएं हैं कि आप उस व्यक्ति के साथ-साथ बाकी लोगों की नजर में भी अपने लिए सम्मान खो देंगे

5आत्म सम्मान

मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको कभी भी इस शब्द का उपयोग नहीं करना चाहिए, लेकिन गलत उपयोग से आत्म-सम्मान का नुकसान हो सकता है।

जरा सोचिए कि आप एक पार्टी में हैं, हर कोई पी रहा है और अचानक एक व्यक्ति आप से टकरा जाता है और उसके हाथों में पकड़ा हुआ ड्रिंक आपके कपड़ों पर गिर जाता है। अब, यह किसकी गलती है? व्यावहारिक रूप से, किसी की नहीं। लेकिन, इस उदाहरण पर, अगर आप माफ़ी मांगने की पहल कर देंगे, तो यकीनन आपकी गलती निकाली जाएगी।

‘क्षमा मांगने से बेहतर है आप देख कर चलने की नसीहत दें। लेकिन, अगर आप माफी मांगने की पहल कर देते हैं, तो आप अपना आत्म-सम्मान खो देते हैं क्योंकि आप खुद को पहले ही दोषी मान चुके होते हैं, भले ही आपने कुछ गलत न किया हो।

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6दोस्ती या रोमांटिक रिश्ते

हम सभी जानते हैं कि बातचीत किसी भी सफल रिश्ते की कुंजी है। लेकिन, अगर आप बिना वजह ही खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं, जो हमेशा माफी मांगता रहता है, तो यह आपको ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत कर सकता है जो हमेशा चर्चा से बचने और समस्याओं को दफनाने के पक्ष में रहता है। ऐसा करके आप अपने अच्छे खासे दोस्तों को खो देंगे।

7पहचान

निस्संदेह, आप अपनी पहचान खोने जा रहे हैं क्योंकि एक बार जब आप अपनी विश्वसनीयता और सम्मान खो देते हैं, तो कोई भी आपको गंभीरता से नहीं लेता। तथ्य यह है कि जब हर बार आप ही माफी मांगते हैं, तो आप अपनी पहचान खो देते हैं।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

आपकी यही आदत आपके आत्मविश्वास को बुरी तरह से प्रभावित करती है। इसके साथ ही जिन चीजों पर आप चर्चा चाहते हैं, लोग उन्हें कभी भी गंभीरता से नहीं लेंगे।

लोग आपको एक फालतू इंसान की तरह देखने लगेंगे और जब आप हर बार माफी ही मांगते रहेंगे, तो आप लोगों की नजर में एक अनिश्चित और अनैतिक व्यक्ति के रूप में स्थापित हो जाएंगे। हमेशा याद रखें, बहुत मामलों में पहली छाप ही आखिरी छाप बन जाती है।

अगर आपको अभी भी लगता है कि बार-बार माफी मांगना आपको एक बेहतर इंसान बनाता है, तो आपको बता दूँ कि दुनिया पर शासकों ने राज किया है, बार-बार घुटने टेकने वालों ने नहीं।

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