अपने सहकर्मी से प्यार का इज़हार कैसे किया जाए

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Sukhdeep Singh

Sukhdeep Singh

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Passionate about playing with words. Sukhdeep is a Post Graduate in Finance. Besides penning down ideas, he is an expert online marketing consultant and a speaker.

घर के बाद ऑफिस ही एक ऐसी दूसरी जगह है, जहाँ हम अपनी ज़िन्दगी का एक लम्बा समय व्यतीत करते हैं और ऐसे में किसी सहकर्मी के साथ प्रेम-संबंध बन जाना कोई नई बात नहीं है। लेकिन मैं उम्मीद करता हूँ, आप यह तो जानते ही होंगे कि इन भावनाओं को व्यक्त करने में की गई छोटी सी गलती भी आपके करियर के लिए मुसीबत बन सकती है। इसलिए, अपने सहकर्मी से प्यार का इज़हार कैसे किया जाए, यह समझना बहुत ज़रूरी होता है।

अपने सहकर्मी से प्यार का इज़हार करने से पहले आपको बहुत सी चीज़ों का ध्यान रखना होता है। इन चीज़ों की महत्तता को कम नहीं आंकना चाहिए क्योंकि आपके प्रस्ताव का स्वीकार या अस्वीकार होना इन्ही चीज़ों पर टिका होता है। आइए, आज हम इसी विषय पर बात करते हैं।

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1सबसे पहले रिश्ते के सच को समझिये

कोई भी रिश्ता शुरू करने से पहले उस रिश्ते के सच को समझना बहुत ज़रूरी होता है। आप उस रिश्ते से क्या चाहते हैं, इस बात की सच्चाई को दिल से स्वीकार करना, अपने सहकर्मी से प्यार के इज़हार का पहला कदम होता है। बहुत बार लोग आकर्षण को या फिर एक-तरफा चाहत को प्यार समझ लेते हैं। इस बात में कोई दो-राय नहीं कि हर रिश्ता शुरुआत में एक-तरफा ही होता है। परन्तु रिश्ते के सच को जाने बिना, किसी तरह की उम्मीद रखना बेवकूफी होती है। उदाहरण के तौर पर, अगर आपका सहकर्मी शादीशुदा है और अपनी वैवाहिक ज़िन्दगी से खुश है, तो उससे प्रेम-संबंध के बारे में सोचना ही रिश्ते की सच्चाई को नज़रअंदाज़ करने जैसा है।

रिश्ते का सच समझने के लिए खुद से सवाल करें जैसे कि इस रिश्ते से मुझे क्या चाहिए, इस रिश्ते से मेरे निजी जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, प्रस्ताव ठुकराए जाने पर मेरे लिए क्या स्थिति हो सकती है, क्या मैं उसी जगह काम कर सकूंगा या मुझे शर्मिंदगी महसूस होगी, इत्यादि।

2खुद को उसकी नज़र में स्थापित करें

अपने सहकर्मी से प्यार का इज़हार करने से पहले खुद को उसकी नज़र में स्थापित करें। बिना जान-पहचान या किसी नज़दीकी के भेजे गए प्रस्ताव खारिज ही होते हैं। ऐसा करने के लिए अपनी जगह बनाना ज़्यादा ज़रूरी होता है और इसके लिए आपको हर समय अपने सहकर्मी के इर्द-गिर्द रहना ज़रूरी नहीं होता। किसी भी कीमत पर आपको एक निर्धारित समय से पहले अपनी चाहत को सब के सामने उजागर नहीं करना होता क्योंकि यह गलती आपके और आपके सहकर्मी के लिए आपत्तिजनक हो सकती है।

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3आपके द्वारा नज़दीकी बनाए जाने पर सहकर्मी की प्रतिक्रियाओं को समझें

आपके ऐसा करने पर, उसके द्वारा दी जाने वाली नकारात्मक और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को समझना बहुत ज़रूरी होता है। कुछ संकेत जैसे कि –

सकारात्मक संकेत

  • आपसे बात करने का मौका ढूंढना
  • बार-बार आपसे नज़दीकी बनाने की कोशिश करना
  • आपके अन्य लड़कियों से बात करने पर उसका आपत्ति जताना
  • आप पर हक़ जमाना
  • आपकी हर बात बिना गतिरोध किए समर्थन देना
  • आपके पक्ष में आवाज़ बुलंद करना
  • आपके नाम मात्र पर उसका प्रतिक्रिया देना

नकारात्मक संकेत

  • आपसे दूर भागना या भागने की कोशिश करना
  • आपकी उपस्थिति को नज़रअंदाज़ करना
  • आपकी बातों को ज़्यादा महत्तता न देना
  • आपके आसपास होने पर झुंझलाहट दिखाना
  • आपके द्वारा की गई साधारण टिप्पणी पर रोष भी दिखाना
  • ऐसे कुछ संकेत हैं, जिनसे आप यह समझ सकते हैं कि क्या आपका सहकर्मी भी आपकी और आकर्षित है या नहीं। इन संकेतों को बारीकी से समझने के बाद ही आपको कदम आगे बढ़ाना चाहिए।

4सीमाओं का उलंघन कभी न करें

हर रिश्ते की एक सीमा होती है और सीमा से बाहर जाना ठीक नहीं होता। इसी तरह से जब बात सहकर्मी से प्यार के इज़हार की होती है, तो आपको अपने रिश्ते एवं ऑफिस की सीमाओं का खास ध्यान रखना होता है। कोई भी ऐसी हरकत या टिप्पणी न करें, जिससे आप सहकर्मी की नज़र में गिर जाएं। सही समय तक ऐसे रिश्तों की गोपनीयता बना कर रखना बहुत ज़रूरी होता है। लड़कियों के लिए, (सच्चे एवं ईमानदार) रिश्ते में गोपनीयता अतयंत आवश्यक होती है। वैसे भी, जितने ज़्यादा लोगों को पता होगा, प्रस्ताव के खारिज होने पर उतने ही सवाल होंगे और उतनी ही बदनामी।

5प्रस्ताव के पहले और बाद में

आपके प्रस्ताव पर निर्णय, प्रस्ताव रखने के तरीके और समय पर काफी हद निर्भर करता है। जैसा मैंने पहले कहा कि गोपनीयता बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रस्ताव रखने से पहले आपको कई चीज़ों का विशेष रूप से ध्यान रखना होता है, जिनमे से प्रमुख है जगह का चुनाव, समय का चुनाव और तरीका। कुछ भी ऐसा न करें, जिससे न चाहते हुए भी आपके प्रस्ताव को ठुकराया जाए। इसके साथ ही प्रस्ताव का जो भी परिणाम हो, आपको उसके लिए तैयार रहना चाहिए और ईमानदारी से स्वीकार करना चाहिए।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

कई नियोक्ताओं के अनुसार, इस प्रकार के रिश्ते कर्मचारी की कार्यक्षमता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। उनके मुताबिक, ऑफिस निजी रिश्ते बनाने के लिए नहीं होता और कर्मचारियों से प्रोफेशनल बर्ताव की उम्मीद की जाती है। एक हद तक, उनका ऐसा सोचना सही हैं और शायद यही एकमात्र कारण है कि ज्यादातर कंपनियों अपने रोजगार एग्रीमेंट में इस प्रकार के संबंधों के खिलाफ कुछ-न-कुछ कानूनी नियम ज़रूर बनाती है। कभी-कभी, इस प्रकार के रिश्ते पक्षपात, पूर्वाग्रह, नैतिकता के गिरने के कारण भी बन जाते हैं।

फिर भी, मेरा विश्वास है, जब तक कि ये संबंध किसी व्यक्ति की कार्यक्षमता में दखल नहीं दे रहे हों, तब तक इनमें कोई बुराई नहीं है।

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