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अधिक बचत करके भारत में अमीर कैसे बनें

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Kumar Sunil

Dreamer & Enthusiast

Creative. One word says it all for Sunil. A engineer, an enthusiastic and conscientious Information Technology consultant by profession, Sunil shares a special interest with entrepreneurship and lifestyle.

यदि आप किसी से पूछेंगे कि वह कितना पैसा कमाना चाहता है, तो हम में से बहुत से लोग शायद एक ही जवाब देंगे,” कम से कम इतना कि जो हमारा मन करे हम उसे खरीद सकें। आसान शब्दों में कहूं, तो हम सभी वित्तीय रूप से स्वतंत्र होना चाहते हैं।

हम जानते हैं कि हमारा समाज तीन वर्गों में बंटा हुआ है – अमीर, गरीब और मध्यम वर्ग। ऐसे में अगर आप किसी अमीर आदमी से पूछेंगे कि वह अमीर कैसे बना, तो उसका सीधा सा जवाब होगा,” वित्तीय बुद्धिमता, पैसा बचाने की आदतें, और आर्थिकता को प्रभावित करने वाली चीजों के बारे में लिए गए सही निर्णय। कोई आश्चर्य नहीं, हम उपभोक्तावाद से भरी दुनिया में रह रहे हैं जहां हमारे घर उन चीजों से भरे हुए हैं जिन्हें हम शायद जीवन में कभी उपयोग भी नहीं करते हैं। रसोई के दराज (किराने का सामान) से लेकर कपड़े रखने की अलमारी, मेकअप किट, गहने के बक्से और यहां तक कि जूता रैक, सभी ऐसी चीजों से भरे पड़े हैं, जिनका हम एक बार से ज्यादा इस्तेमाल भी नहीं करते। चीजों को बेकार में इकट्ठा करते रहने की आदत के चलते, पैसे बचाने की कल्पना, किसी भद्दे मजाक से ज्यादा कुछ नहीं है क्योंकि पैसा बचाने की योजना का पहला पड़ाव ही फिजूलखर्ची को रोकना होता है। कैसे शुरू करें और कहां से शुरू करें, दो ऐसे सवाल हैं जिन पर हमारी बचत की पूरी योजना टिकी हुई होती है? आज हम आपको बताएंगे कि अधिक बचत करके भारत में अमीर कैसे बनें।

1अपने बजट की योजना बनाएं

सब कुछ एक योजना के साथ शुरू होता है और अगर आपके पास बचत की कोई योजना नहीं है, तो आपको अपनी इस गलती की वजह से आने वाली वित्तीय कठिनाइयों पर दुःख नहीं होना चाहिए। यकीन मानिए, मुसीबत से निकलने की योजना बनाने से बेहतर है, ऐसी योजना बनाना कि मुसीबत से सामना ही न हो।

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शुरुआत आप एक आय और व्यय की एक्सेल शीट से भी कर सकते हैं। इस शीट पर अपने पूरे महीने के खर्चे लिखते जाएं। ऐसा करने से, महीने के अंत में आप बेकार खर्चों का पता लगा पाने में सक्षम हो जाएंगे। अगली बार, आप तदनुसार अपना बजट बदल सकते हैं।

2सरकार द्वारा निर्धारित किए गए करों और कटौतियों के बारे में पूरी तरह से जागरूक रहें

बचत योजना बनाने से पहले, आपको सरकार द्वारा लगाए जाने वाले सभी करों और इनकम टैक्स में दी जाने वाली सभी कटौतियों के बारे में पूरी तरह से जागरूक रहना चाहिए। इन सबके बारे में जानने के बाद आपके लिए कानूनी रूप से बचत करना बहुत आसान हो जाएगा।

उदाहरण के लिए आप स्वास्थ्य या जीवन बीमा योजनाओं में निवेश कर सकते हैं क्योंकि इनमें निवेश के दोहरे फायदे होते हैं। इनमें निवेश से न केवल आपको टैक्स में कटौती मिलती है, बल्कि आप क़ानूनी रूप से पैसा बचा पाते हैं।

3भुगतान में देरी न करें

मैं मनाता हूँ कि हममें से बहुत से लोग यह गलती करते हैं। जब बात ली गई सुविधाओं के भुगतान की आती है, तो हम सभी इस भुगतान को अंतिम समय तक स्थगित करने का हर संभव प्रयास करते हैं। चाहे यह हमारा टेलीफोन बिल हो , इंटरनेट बिल हो, या फिर क्रेडिट कार्ड बिल, हम इसे अंतिम तारीख तक टालते रहते हैं। और, अंत में, हम न केवल इन बिलों का भुगतान करना पड़ता है, बल्कि भुगतान में देरी की वजह से अतिरिक्त शुल्क/ दंड भी अदा करना पड़ता है।

एक बढ़िया वित्तीय योजना के तहत इससे बचा जा सकता है। वैसे भी, कुछ वक्त के लिए पैसा जेब में रखकर बाद में वित्तीय दंड देने से अच्छा है कि समय रहते भुगतान करके अतिरिक्त वित्तीय घाटा न खाया जाए।

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4महंगा खिलौने अर्थात कारें इत्यादि न खरीदें

मैंने ऐसे बहुत से लोग देखे हैं, जिनको अचानक मिली कामयाबी से जब बहुत सारा धन प्राप्त होता है, तो वह इसे व्यर्थ की चीजों पर लगाकर, बर्बाद हो जाते हैं। बहुत से लोग, एकदम पैसा आने पर अपनी जीवनशैली का दिखावा करने के लिए महंगी कारें इत्यादि खरीदने लगते हैं।

क्या आप जानते हैं, साधारण जीवन के समर्थक होने के नाते, (दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी) वॉरेन बफेट, इन लक्जरी कारों पर पैसा निवेश करने को मूर्खता कहते हैं? उनके मुताबिक यह महंगे “खिलौने” आपको केवल सिरदर्द देते हैं। इसके बजाए, वह ऐसी चीजों या योजनाओं में निवेश करने की सलाह देते हैं, जहाँ से अच्छा मुनाफा आने की पूरी संभावना होती है।

5व्यापार के मामले में सीधे मुद्दे की बात करें

व्यापार से जुड़ी किसी वार्ता में शामिल होने से पहले,अपनी वित्तीय सीमाओं के बारे में अच्छे से जान लें और हो सके, तो कोई पुख्ता दस्तावेज़ बना लें। ऐसा करने से, आप व्यापार से सम्बंधित चर्चा को अपनी वित्तीय सीमाओं के अंदर रखने में सफल रहेंगे।

याद रखें कि एक बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा बेकार की वार्ता के खिलाफ होता है क्योंकि ऐसा बर्ताव आपकी अपरिपक्वता को दर्शाता है। इसलिए, यदि आप एक व्यापार प्रस्ताव बना रहें हैं, तो बेहतर यही रहेगा कि आप सीधे और तुरंत वित्तीय चर्चा पर आ जाएं। विशेषज्ञों का दावा है कि पैसे के बारे में बात करने में देर करने से या बहुत ज्यादा चर्चा करने से नतीजों और फैसलों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

6पैसे उधार लेने के लिए एक सीमा निर्धारित करें

भले ही क्रेडिट कार्ड पर जीवन आसान लगता है, लेकिन वास्तविकता एकदम अलग है। किसी को केवल उतना ही उधार लेना चाहिए, जितना वह चुकता कर पाए। उधार लेते समय, बैंकिंग संस्थानों से तोलमोल करने एवं लोन सभी पूरी जानकारी लिखित रूप से लेने में झिझक महसूस न करें।

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यदि आप क्रेडिट कार्ड या लोन जैसी किसी भी सुविधा को लेते हैं, तो इसे बहुत ही बुद्धिमानी से उपयोग करें। क्रेडिट कार्ड या लोन लेना कोई मुश्किल काम नहीं है। अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री ठीक है अर्थात आपने कभी पहले लोन लिया और उसका भुगतान समय रहते किया है, तो हर बैंक आपको लोन या क्रेडिट कार्ड देने को उतावला रहता है। लेकिन, उपभोक्ता होने के नाते आपको यह अच्छी तरह से समझना होगा कि उठाया गया कर्ज और उस पर लगाया गया व्याज आपको ही चुकाना है। इसलिए, अपनी सीमाओं से अधिक उधार न लें।

7प्रचार के लिए प्रतीक्षा करें और कूपन का प्रयोग करें

इसमें कोई शक नहीं कि बाजार चीजों और विकल्पों से भरे पड़ें हैं और आपको मजबूर करते हैं कि आप जरूरत की चीजें भी बहुतायत में खरीदें। ऐसा करने के लिए आपको कई प्रकार के प्रलोभन दिए जाते हैं जैसे कि एक के साथ एक मुफ्त, भारी छूट इत्यादि। लेकिन इन स्थितियों में भी, धन बचाया जा सकता है। आपको अपनी जरूरत की चीजों की कीमतों के बारे में सावधान रहना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि आपकी जरूरत की चीजों पर बड़ी मात्रा में छूट इत्यादि कब उपलब्ध होती है और कहाँ? जब आप कुछ खरीदते हैं, तो जहाँ तक संभव हो डिस्काउंट वाउचर या कूपन का उपयोग करने में संकोच नहीं करें।

8खुद पर निवेश करें

विशेषज्ञ, खुद पर निवेश के महत्व को भी उजागर करते हैं। उनके मुताबिक हमें खुद पर भी निवेश करना चाहिए अर्थात हमें अपनी योग्यताओं को बढ़ाते रहना चाहिए क्योंकि प्रतिभा और क्षमताओं में सुधार के बाद, आप अधिक मूल्यवान बन जाएंगे और बेहतर आर्थिक स्थिति में आ जाएंगे। ऐसा करके आप अधिक कमा सकेंगे, और अंत में, ज्यादा बचा सकेंगे।

9किसी भी अनुबंध पर हस्ताक्षर से पहले सभी प्रावधानों को समझ लें

चाहे कोई नई नौकरी हो या कोई व्यापारिक सौदा, किसी भी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपने अनुबंध के सभी प्रावधानों को अच्छी तरह समझ लिया है। बुरी से बुरी स्थिति की कल्पना करो और खुद से पूछो कि क्या इस दस्तावेज में ऐसा कोई प्रावधान है, जो आपको खराब परिस्थितियों या अप्रत्याशित दुर्घटनाओं से होने वाली आर्थिक हानि से सुरक्षित रखने का दावा करता है?

10एक आय पर आश्रित मत रहें

जब तक आप किसी सरकारी नौकरी में नहीं हैं, आपको एक आय पर आश्रित नहीं रहना चाहिए। मैंने बहुत से ऐसे लोग देखे हैं, जिनके एक वक्त में एक से अधिक आय के स्रोत होते हैं और किसी स्रोत से आय के बंद होने पर भी, उनको किसी वित्तीय समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। इसलिए, मेरी सलाह है कि जहाँ तक संभव हो, अपने नियमित काम के साथ-साथ, अतिरिक्त आय के लिए भी काम करते रहें। वैसे भी , जितने आय के स्रोत होंगे, उतनी ही आय बढ़ेगी।

11खरीदारी करते समय खुद की भावनाओं पर नियंत्रण रखें

जब बात वित्तीय स्थिति को सही करने की आती है, तो आपको पैसा खरचने की आदतों पर थोड़ा काबू करना चाहिए।

कुछ भी खरीदने से पहले खुद से पूछें, कि आपके लिए वह वस्तु खरीदना जरूरी है और अगर है, तो क्यों हैं? इन दोनों प्रश्नों के उत्तर जानने के बाद ही अपना निर्णय लें। यदि आपके पास कोई संतोषजनक उत्तर नहीं है, तो आपको वह खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

12हमेशा खुले पैसे अपने पास रखें

खुले पैसे न रखने की गलती, हम सभी करते हैं। मुझे वास्तव में समझना मुश्किल लगता है कि जब हमें दुकानदार खुले पैसे देता है, तो हमें उसे स्वीकार करने में इतनी शर्म क्यों महसूस होती है? जब भी दुकानदार खुले सिक्के देता है, तो हमें उसे ले लेना चाहिए और अपने बच्चों को कहना चाहिए कि वह इन सिक्कों को अपनी गुल्लक में डाल लें। ऐसा करके, आप न केवल कुछ बचत कर पाएंगे, बल्कि बच्चों को भी पैसा बचाना सीखा पाएंगे।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

अंत में, मैं यही कहूंगा कि बचत करने की आदत का कोई नुकसान नहीं होता, भले ही आपने अमीर माता-पिता के परिवार में जन्म लिया हो या कर्ज से जूझ रहे गरीब परिवार में। बचत केवल जीवन की गुणवत्ता में नहीं, बल्कि पैसे को लेकर लोगों की धारणा में भी बदलाव कर सकती है।

हर महीने अपनी वित्तीय प्रगति की जांच करना न भूलें। ऐसा करके, आप अपने अर्थहीन खर्चों को नियंत्रित करने और आप अपनी बचत में सुधार करने में सक्षम हो जाएंगे।

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