5 ऐसे कारक जो काम पर संतुष्टि को प्रभावित करते हैं

1533
READ BY
Photo Credit: Bigstockphoto
Read this article in English
यह लेख हिन्दी में पढ़ें।
Kumar Sunil

Kumar Sunil

Dreamer & Enthusiast

Creative. One word says it all for Sunil. A engineer, an enthusiastic and conscientious Information Technology consultant by profession, Sunil shares a special interest with entrepreneurship and lifestyle.

क्या कभी आपने सोचा है कि अगर आप अपने मालिक को बताते हैं कि आप दिए गए काम से खुश नहीं हैं, तो उसका जवाब क्या होगा?

बेशक, आपके ऐसा कहने पर आपको एक ही जवाब मिलेगा – ” मुझे खेद है, लेकिन मुझे लगता है कि आपको अपने अपॉइंटमेंट लेटर की धारा नंबर 3 विशेष रूप से दोबारा पढ़ना चाहिए। इसके साथ यहीं हमें लगता है कि आपको बिना समय बर्बाद किए, इस नौकरी को छोड़ देना चाहिए।” अगर आप काम पर संतुष्टि अर्थात जॉब सटिस्फैक्शन की सही परिभाषा के लिए गूगल को खोज रहे हैं, तो मुझे डर है कि आपको एक सही परिभाषा नहीं मिलेगी क्योंकि इसकी कोई सही परिभाषा आज तक सामने ही नहीं आई है। लेकिन इसको सरल शब्दों में समझने के लिए हम यह कह सकते हैं कि काम पर संतुष्टि वह हद है जहाँ तक कोई कर्मचारी अपनी नौकरी से प्यार या नफरत करता है। ज़्यादा तकनीकी भाषा में कहा जाए, तो यह एक कर्मचारी की उसको दिए गए काम के बारे में उसकी भावना से जुड़ा हुआ है। तो, आपका क्या ख्याल है? क्या आप अपने काम से खुश हैं? क्या आप वास्तव में अपना काम पसंद करते हैं?

जरूर पढ़े – अमीरों की 7 मनोवैज्ञानिक तकनीकों के बारे में

काम पर असंतोषजनक प्रदर्शन के लिए कौन जिम्मेदार है? आप किसी भी कंपनी से एम्प्लोयी रिटेंशन रेट अर्थात कर्मचारी प्रतिधारण रिकॉर्ड के बारे में पूछें। मैं यकीन से कह सकता हूँ कि हर (घटिया रिटेंशन रेट) मामले में गलती कर्मचारी की ही होगी। वहीं दूसरी ओर, कर्मचारियों के मामले में, रक्त चूसने वाले हमेशा प्रबंधक ही होते हैं।

ज़रूर पढ़े – 10 चीज़े जो जितनी जल्दी हो सके शुरू कर देनी चाहिए

चाहे छोटे पैमाने की कंपनी हो या फिर इन्फोसिस, विप्रो, टी.सी.एस जैसी बड़ी कंपनियां, कर्मचारी प्रतिधारण की समस्या से सभी झुंज रही हैं। इन्फोसिस में यह दर 18.9% थी, विप्रो में लगभग 15% और टीसीएस ने लगभग 48,000 कर्मचारियों की काम से छटनी की थी।

कर्मचारी एक कंपनी में टिके रहें, इस लिए कंपनियां कई तरह के सलाहकार कार्यक्रम, मोटिवेशनल लेक्चर, भत्ते की पेशकश और , कई प्रकार के अन्य प्रलोभन देती रहती हैं। क्षेत्र के विशेषज्ञों (मानव संसाधन) के अनुसार, अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और प्रतिभा के अवसर भी हैं; अपने कर्मचारियों को नौकरी बदलने का एक मौका दें, और वे बिना आगे की सोचे, आपको अलविदा कहने के लिए एक दिन से भी कम का समय लेंगे।

कंपनियों को लगता है कि कर्मचारियों को रोकने का एक मात्र तरीका पैसा होता है, जिससे वह कर्मचारियों को लम्बी अवधि तक अपने साथ जोड़े रखते हैं। जाहिर है कि पैसा भी एक कारण है, फिर चाहे वह वेतन के रूप में हो या मुनाफे के। लेकिन, कुछ अन्य चीजें भी हैं, जो एक कर्मचारी को बांधे रखती हैं जैसे कि –

1पारिश्रमिक और काम से संतुष्टि के बीच का निस्संदेह संबंध

“मैं पैसे के लिए काम करता हूँ और यदि आप वफादारी चाहते हैं, तो कुत्ता पाल लें। जब बात संतुष्टि की आती है, तो धन बहुत ही अहम भूमिका निभाता है और सबसे प्रभावशाली योगदानकर्ता है। इसमें कोई शक नहीं है कि ज्यादातर लोग जो नौकरी छोड़ने का फैसला लेते हैं, उनके पीछे प्रमुख कारण पैसा ही होता है।

मैं आपसे पूछता हूँ कि क्या आप ऐसी कंपनी में काम करना चाहेंगे, जहाँ आपको बेहतर कामकाजी माहौल तो मिलेगा, लेकिन वेतन आपके मौजूदा पैकेज से 10% कम होगा?

ज़रूर पढ़े –पैसिव इनकम के 5 स्रोत – कम मेहनत और ज़्यादा आय

“यदि आप सोचते हैं – पैसा खुशी नहीं खरीद सकता है, तो मेरे प्यारे दोस्त, शायद आपको नहीं पता कि खरीदारी करनी कहाँ हैं।” इसलिए अगर आप कर्मचारियों को अपने साथ लम्बे समय तक बांधे रखना चाहते हैं, तो उनके कौशल का मूल्य पहचानना सीखें। आप इस बात को निश्चित कर लें, बाकी चीजें अपने-आप सही हो जाएंगी। हमेशा याद रखें, “यदि आप मूंगफली फेंकते हैं तो केवल बंदर ही आएंगे।”

2पदोन्नति और नौकरी की संतुष्टि की गुणवत्ता के बीच का निर्विवाद संबंध

“क्या आप विकास देख रहें हैं?” यह प्रतिस्पर्धा बचपन से ही शुरू हो जाती है। बचपन से ही बच्चों को सिखाया जाता है कि अगर आप तेज नहीं भागेंगे, तो पिछड़ जाएंगे। इसलिए, जब नौकरी की बात आती है, तो हम सब एक ऐसी कंपनी का हिस्सा बनना चाहते हैं, जहाँ विकास के अंतहीन अवसर उपलब्ध हों।

जब भी आपसे पूछा जाता है आपकी ज़िन्दगी में क्या चल रहा है या आप इन दिनों कहां हैं, तो हमसे हर कोई चाहता है कि हम एक नया जवाब दें। यही जवाब आपके विकास को दर्शाते हैं। इसका अर्थ यह है कि नौकरी की संतुष्टि के लिए, विकास के अवसर समान रूप से महत्वपूर्ण हैं बशर्ते आप उस विकास के लिए पूरी तरह से तैयार हों।

3कार्य पर्यावरण और नौकरी की संतुष्टि के बीच का संबंध

क्या आप काम की जगह के माहौल से खुश हैं? क्या आपको लगता है कि आप पर काम का दबाव बहुत ज्यादा है और अहमियत बहुत कम है? क्या आप एक ऐसी जगह पर काम करते हैं जहाँ हर चीज में पक्षपात किया जाता है और अपनों को पहल दी जाती है? ऐसे माहौल में कर्मचारी प्रतिधारण दर का गड़बड़ाना स्वाभाविक है।

पर्यावरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह उत्पादकता को नाटकीय रूप से प्रभावित कर सकता है। चाहे आप एक कर्मचारी हैं या नियोक्ता, आपको इस बीमारी को जड़ से उखाड़ना है। कई लोगों के लिए, कामकाजी माहौल सबसे ज्यादा मायने रखता है और हम जानते हैं कि पर्यावरण सीधे मनोविज्ञान से जुड़ा हुआ होता है, और मनोविज्ञान का सीधा सम्बन्ध उत्पादकता से होता है।

4पर्यवेक्षण + टीमवर्क और नौकरी की संतुष्टि के बीच का संबंध

प्रबंधक और पर्यवेक्षक वे लोग हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि सब कुछ ठीक तरीके से चल रहा है। शोध से पता चला है कि पर्यवेक्षण नौकरी की संतुष्टि का पूर्वानुमान है। इसलिए आप जितना आप कर्मचारियों का पर्यवेक्षण करेंगे, उतने सर्वोत्तम परिणामों की उम्मीद कर पाएंगे।

यदि आप बारीकी से देखते हैं, तो तर्क के पीछे मुख्य कारण उन निर्देशों की कमी है जो बाद में भ्रम और अंततः एक गैर-व्यावसायिक प्रतिक्रिया बन जाते हैं।

ज़रूर पढ़े – इंटरव्यू पर कौन से रंग के कपड़े पहन कर जाना चाहिए

“आप वह कर सकते हैं जो मैं नहीं कर सकता। मैं वह कर सकता हूं जो आप नहीं कर सकते। अगर हम साथ मिल जाएं, तो यकीनन हम महान चीजें कर सकते हैं – मदर टेरेसा।”

5नौकरी की संतुष्टि और जीवन संतुष्टि के बीच का संबंध

पैसा कमाने के बाद अगर इसका आनंद लेने के लिए आपके पास समय ही नहीं है, तो आप इस कमाए हुए पैसे से करेंगे भी क्या? हम इस तथ्य को अनदेखा नहीं कर सकते कि हमारी निजी ज़िन्दगी का कुछ न कुछ असर हमारे काम पर भी पड़ता है। इसलिए अगर आप अपने व्यक्तिगत जीवन से खुश नहीं हैं, तो उच्च संभावनाएं हैं कि आप काम पर भी खुश नहीं होंगे।

यह सच है कि हर कंपनी अपने कर्मचारियों के निजी जीवन के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं होती, लेकिन कुछ ऐसी कंपनियां हैं, जो इस क्षेत्र में भी काम कर रही हैं। अगर प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच किसी भी ऐसे विषय पर (जो आपके प्रदर्शन को बिगाड़ रहा है) चर्चा करने के लिए पारदर्शिता होगी, तो इससे नौकरी की संतुष्टि में यकीनन वृद्धि होगी।

क्या इस विषय में आपका कोई प्रश्न हैं ? हमारे विशेषज्ञ से ज़रूर पूंछे।

संक्षेप में मैं सिर्फ यही कहूंगा कि संतुष्टि सुरक्षा की आंतरिक भावना है और हम सभी की सुरक्षा और संतुष्टि की अपनी परिभाषाएं हैं।

अब चाहे बात नौकरी पर संतुष्टि की हो या जीवन में संतुष्टि की, यह एक सामूहिक प्रयास है जो हमारे अंदर से ही शुरू होता है।

Loading...